नीलकंठ फर्टिलिटी के 9 ART रजिस्ट्रेशन निलंबित, सरोगेसी नियमों के उल्लंघन पर राजस्थान सरकार की कार्रवाई

जयपुर, 26 अगस्त। राजस्थान सरकार ने Assisted Reproductive Technology (ART) और सरोगेसी सेवाओं से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में नीलकंठ फर्टिलिटी एंड वुमन केयर हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। अस्पताल की ART क्लिनिक, ART बैंक और सरोगेसी क्लिनिक से जुड़े 9 रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित कर दिए गए हैं।

राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में निर्धारित मानकों और कानूनी प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। नीलकंठ फर्टिलिटी एंड वुमन केयर हॉस्पिटल के खिलाफ यह कार्रवाई ART और सरोगेसी सेवाओं के नियमन से जुड़े कथित उल्लंघनों के प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर की गई है।

ART एक्ट के कथित उल्लंघन पर कार्रवाई

राजस्थान की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि यह कार्रवाई Assisted Reproductive Technology (Regulation) Act, 2021 के कथित उल्लंघनों को देखते हुए की गई है।

उन्होंने बताया कि एक English newspaper के Jaipur edition में प्रकाशित एक advertisement में नीले रंग के embryo का चित्र दिखाया गया था। इसे sex-selection services के प्रचार के रूप में देखा गया, क्योंकि नीला रंग आमतौर पर लड़कों से जोड़ा जाता है। इसके बाद अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। कानून के तहत sex-selection और sex-based ART procedures प्रतिबंधित हैं।

गायत्री राठौड़ ने बताया कि नीलकंठ फर्टिलिटी एंड वुमन केयर हॉस्पिटल द्वारा संचालित 9 ART और सरोगेसी सुविधाओं के रजिस्ट्रेशन निलंबित किए गए हैं। ये सुविधाएं जयपुर, भीलवाड़ा, उदयपुर, कोटा, जोधपुर और अजमेर में स्थित हैं।

निलंबित रजिस्ट्रेशन में भीलवाड़ा, कोटा, उदयपुर, अजमेर और जोधपुर में Level-1 ART clinic facilities तथा इन्हीं शहरों में Level-2 ART clinic facilities शामिल हैं। इसके अलावा जयपुर में दो Level-2 ART clinics, एक surrogacy clinic और एक ART bank का रजिस्ट्रेशन भी निलंबित किया गया है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने दोहराया कि राज्य में ART और सरोगेसी सेवाओं का संचालन लागू कानूनों, नियमों और ethical standards के अनुसार ही होना चाहिए।

विभाग ने कहा कि sex-selection सहित प्रतिबंधित प्रथाओं के किसी भी प्रकार के प्रचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह प्रत्यक्ष हो या अप्रत्यक्ष।

राज्य सरकार ने कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। सरकार का उद्देश्य ART और सरोगेसी सेवाएं उपलब्ध कराने वाले सभी संस्थानों में कानूनी और ethical standards का पालन मजबूत करते हुए सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण reproductive health services सुनिश्चित करना है।

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